
राहा अर्जुन की गोद में बैठी हुई थी। अर्जुन ने उसे अपनी गोद में समेट रखा था और वो टकटकी लगाए पूरे बेडरूम को देख रही थी। उस बड़े से पेड़ पर बने इस घर में वाकई में बहुत खूबसूरती थी।
राहा ने अपनी चहकती हुई आवाज में कहा, “वाह! चाचू ये घर कितना प्यारा है। राहा को बहुत अच्छा लगा।”







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