
अगली सुबह
अर्जुन की नींद राहा के हिलने-डुलने और उसके सीने को काटने से खुल गई थी। उठ चुकी थी, वैसे भी अर्जुन कोई हैवी स्लीपर नहीं था। उसे कम ही नींद आती थी। वोटो, 1 या फिर डेढ़ घंटे ही सोता था, लेकिन राहा के उसके पास होने से उसे सुकून मिल रहा था। इसीलिए वो सुबह तक सोता रहा।







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