
सबने नाश्ता किया और लिविंग रूम में बैठ गए। वैसे तो विक्रम और अर्जुन को जाना था, लेकिन अभी अभी कबीर का फोन आया था। वो एयरपोर्ट से आ रहे थे। राकेश जी कह रहे थे कि वो सब आए, उन्हें रिसीव करने, लेकिन उन लोगों ने मना कर दिया।
लिविंग रूम में राहा विक्रम का फोन देख रही थी। विक्रम उसके बगल में बैठा हुआ अपने फोन को ही देख रहा था, जिसको राहा मैडम ने कब्जा कर रखा था और वो दे नहीं रही थी। पूरे एक घंटे से वो उसका फोन देख रही थी। इस बीच उसमें आए जितने भी कॉल्स थे, वो सारे उसने कट कर दिए थे। विक्रम को तो आधे कॉल्स के बारे में पता भी नहीं था। उसे तो लग रहा था कि उसने सिर्फ 3-4 कॉल्स ही रिसीव नहीं किए।







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