
आधी रात को
अपने रूटीन के मुताबिक राहा उठ गई। उसने अपनी आँखों को पूरा खोलते हुए देखा कि वो अपनी मम्मा के सीने से लगी हुई है और उसकी मम्मा ने उसे अपनी बाहों में जकड़ा हुआ है। विक्रम ने भी पीछे से उसे उसी तरह hug किया हुआ था। वो धीरे-धीरे नीचे खिसकने लगी ताकि उसके हिलने से उसकी मम्मा और डैडा की नींद न खराब हो जाए। एक नजर उन्हें देखने के बाद, वो हल्के से दरवाजा खोलकर अर्जुन के फ्लोर की ओर बढ़ गई।
उसने अर्जुन का दरवाजा, जो खुला हुआ था, उसे पूरा खोला और कमरे में अंदर चली गई। बेड पर उसे अर्जुन नहीं दिखा। कहाँ से दिखता, अभी सुबह के 5 बजे थे और अर्जुन को उठे हुए आधा घंटा हो गया था।
राहा ने बेडरूम को पूरा देख लिया, लेकिन अर्जुन उसे कहीं नहीं मिला। उसने अपने होंठ बाहर निकाले और खुद से बातें करते हुए बोली, “चाचू कहाँ गए होंगे?”
फिर वो कमरे से बाहर निकल गई और उसी फ्लोर पर इधर-उधर देखने लगी। फिर वो gym room में गई, जहाँ अर्जुन अपने trouser पहने हुए workout कर रहा था।







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