
**एक महीने बाद**
एक महीना हो गया था और इस एक महीने में बहुत कुछ बदल गया था। शिवांश को तो दूसरे दिन ही होश आ गया था, लेकिन उसकी याददाश्त चली गई थी। वो पिछले चार सालों की हर बात भूल चुका था। जब उसके दादा-दादी को उसकी हालत का पता चला, तो उन्होंने उसे यूके बुला लिया। हां, समर्थ के माता-पिता यूके में रहते हैं, अपने दूसरे बेटे के साथ, जो वहां का बिजनेस संभालता है।







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