
धीरे से अर्जुन के रूम का दरवाजा खुला और एक प्यारी सी छोटी सी बॉडी अंदर आई, जिसने अभी-अभी क्यूट सा नाइट ड्रेस पहना हुआ था। और ये कोई और हो ही नहीं सकता था, ये तो हमारी अर्जुन बाबू की बटरफ्लाई, राहा थी। वो धीरे से दरवाजा खोलकर अंदर आ रही थी, उसके हाथ में उसका स्कूल यूनिफॉर्म था, बाल गीले थे, और उसकी छोटी सी बॉडी साबुन और बॉडीवॉश की खुशबू से महक रही थी। साफ पता चल रहा था कि वो नहाकर सीधा अर्जुन के पास आई थी।
विक्रम ने उसे ढेर सारी आइसक्रीम और चॉकलेट का लालच देकर उठाया था, और अनन्या ने उसे नहलाया था। लेकिन राहा की जिद थी कि उसे चाचू ही तैयार करेंगे। और अपनी बेटी के सामने अनन्या और विक्रम हमेशा हार ही जाते थे, तो इस बार भी वही हुआ।







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