
सुबह की गर्मी और शिव की उंगलियों का जादू 🤤🥵
अगली सुबह
संदर्भ की आंखें खुलीं। अभी सुबह के 4 बजे थे। वो इसी समय पर जागता था। उसने अपने आसपास देखा — नेहाली उसके ऊपर लेटी हुई थी और शिव और रुद्र उससे चिपक के सो रहे थे। जैसे तीनों ही उसके बच्चे हों। और थे भी। उसका सबसे छोटा सा प्यारा सा बच्चा उसके ऊपर उसे बेड बनाकर सो रहा था।








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