अरुण और वेदांश अपनी ड्रिंक कर रहे थे ड्रिंक खत्म होने के बाद अरुण खड़ा हो गया और कहां अब थोड़ी देर में असर होना शुरू हो जाएगा ठीक है चल अब मैं चलता हूं आज तेरा भाई फुल मजे करेगा यह कहकर वह चला गया।
वेदांश ने भी ड्रिंक खतम kr दी और अपने असिस्टेंट की और देखा असिस्टेंट समझ गया और उसने तुरंत बोला ओके सर मैं संभाल लूंगा सब कुछ
वेदांश भी उसे अश्लीलता से भरे हुए रूम से निकल गया। और सीधा अपने प्राइवेट रूम में चला गया जो उसके लिए ही बुक होता था।
वही हमारी आयुषी भी अपना सारा काम कर रही थी। एक ट्रे उसमें बहुत सारे ड्रिंक थी और वह ट्रे लेकर वो यहां से वहां चल रही थी। क्लब बहुत ही ज्यादा हाई-फाई था। और यहां पर आने वाले सारे यंगस्टर बहुत ही अमीर थे
अपना पहना हुआ यूनिफॉर्म ठीक करते हुए वह यहां से वहां जा रही थी।
अपना काम स्टार्ट किए हुए अभी उसे डेट घंटा ही हुआ था पर वो पूरा थक गई थी।
तभी मैनेजर ने उसे बुलाया।
मैनेजर की आवाज सुनकर उसे तरफ गई। तो मैनेजर ने एक ट्रे में दो ड्रिंक पकड़े और कहा इस रूम नंबर 206 में दे आओ।
आयुषी बहुत ही ज्यादा थक गई थी उसने सोचा यह एक बार यह काम पूरा कर दे फिर थोड़ा रेस्ट करेगी। यही सब सोचते हुए वह यह तो भूल ही गई कि उसे किस रूम में जाना था। इसलिए वह लिफ्ट में बैठकर सेकंड फ्लोर की जगह थर्ड फ्लोर पर चली गई।
वह वेदांश को भी अब थोड़ा-थोड़ा ड्रग्स का नशा चढ़ रहा था। क्योंकि अरुण की लाई हुई वह गोली एक ड्रग्स जैसी थी उसके अंदर उत्तेजना बढ़ती जा रही थी s**e *x करने की।
लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा था यह उसके साथ क्यों हो रहा है?
वेदांश नहीं यह सब सोचना छोड़ और बाथरूम में चला गया अपने आपको शांत करने के लिए लेकिन उसे नहीं लग रहा था कि आज वो शांत होने वाला है। फिर भी वह bathroom में चला गया और ठंडा सावर के नीचे खड़ा हो गया।
बहुत ही ज्यादा गर्मी लगने से और उत्तेजित होने के कारण उसे अपनी बॉडी पार्ट में बहुत ही ज्यादा दर्द हो रहा था इसलिए उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे। उसकी वह मस्कुलर बॉडी और वह हर तरफ से। परफेक्ट शरीफ। किसी को भी उसकी तरफ आकर्षित करने के लिए काफी था। उसका वो चौड़ा सीना। जिम करने की वजह से। थोड़े बड़े थे और उसके ही नीचे थे उसके सिक्स पैक अप।
जो उसे बहुत ही ज्यादा अट्रैक्टिव बना रहे थे।
ऊपर से सावर के नीचे से गिरता हुआ पानी उसे और भी ज्यादा मनमोहित बना रहा था। एक बार अगर कोई उसे देख तो देखा ही रह जाए।लेकिन अभी वह अपने आप को शांत करने में लगा हुआ था। उसके नीचे का पार्ट बहुत ही ज्यादा हार्ड हो गया था। लेकिन फिर भी वह अपने आप को कंट्रोल में करने की कोशिश कर रहा था।
तभी उसके रूम की डोर बेल बजी। वह बाथरूम में दरवाजा खुला छोड़ के ही गया था इसलिए उसे आसानी से सुनाई दे रूम के डोर बेल।
बाथरूम में जाते वक्त उसने अपने असिस्टेंट को कॉल करके किसी लड़की का अरेंजमेंट करने के लिए कहा था कि उसे लगी रहा था कि कुछ तो गड़बड़ है। और उसे यह भी पता था कि वह अपने आप को कंट्रोल नहीं कर पाएगा उसकी पुरानी आदत थी। अनकंट्रोल्ड होने की सबसे पता था।
वेदांत को लगा कि वही होगी। इसलिए जल्दी से। रूम का डोर खोलना चला गया। उसने अपने कमर पर टॉवल लपेटा और दरवाजा खोल के सामने देखा तो देखाता ही रह गया।
सामने एक प्यारी। लड़की खड़ी हुई थी। जो किसी स्वर्ग से उतरी हुई अप्सरा से काम नहीं लग रही थी। उसने पहना हुआ वह स्कर्ट और टॉप। बहुत ही ज्यादा क्यूट लग रही थी। को अब तो बहुत ही ज्यादा हार्ड feel होने लगा था। ऊपर से उसके सामने खड़ी लड़की जिसका टॉप भी उसके कंधे से सरक गया था और उसके दोनों कंधे दिख रहे थे। और उनमें भी उसके दोनों कंधे पर दोनों साइड एक-एक काला तिल था।जो उसे और भी ज्यादा अट्रैक्टिव बना रहा था।
अब आप लोग समझ ही गए होंगे कि यह कौन है अगर ना भी समझो तो मैं बता देता हूं यह और कोई नहीं आयुषी थी वह गलती से 206 रूम नंबर की बजाय 306 में पहुंच गई थी लेकिन उससे नहीं पता था कि यह उसने कितने बड़ी गलती कर दी है और उसके साथ आगे क्या होने वाला है
आयुष्य अभी कुछ बोलती उससे पहले ही वेदांश ने उसे अपने बाहोंसे पकड़ा। उसे अंदर खींच लिया और दरवाजा लॉक कर दिया। इस चक्कर में आयुषी के हाथ में से ट्रे नीचे गिर गई।
आयुषी तो हड़बड़ा गई उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि यह उसके साथ क्या हो रहा है उसने अपने सामने एक हैंडसम और tall आदमी को देखा जो किसी को भी अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए काफी था।
वेदांश ने उसे अपने सीने से लगा लिया। वैसे तो वो बहुत बार फिजिकल रिलेशन बना चुका है जिसकी कोई गिनती नहीं है लेकिन उससे आज कुछ अलग फील हो रहा था। अपने दिल में बहुत ही ज्यादा ठंडक फील हो रही थी।
शायद उसके साथ कुछ हो रहा है या किसी ने उसके साथ कुछ किया है इसलिए भी हो सकता है यह सोचकर उसने ज्यादा ना सोचा।
वेदांत के इस तरह जोर से सीने से लगा लेने से आयुषी थोड़ा डर गई। और उसे छूटने के लिए कसमस आने लगी। परेशान होते हुए बोलिए आप क्या कर रहे हैं प्लीज छोड़िए मुझे?
मैं तो यहां पर यह ड्रिंक देने आई हूं यह आपने मंगाई थी प्लीज ऐसा मत करिए छोड़िए।
वेदांश उसको ऐसे बोलने से समझ गया था कि यह कोई और है। लेकिन फिर भी उसे अपने आप से कंट्रोल नहीं हो रहा था। और इसलिए उसने यह करना चुना।
भले ही वेदांश फिजिकल रिलेशनशिप बनाता था लेकिन सब सामने वाले की मर्जी से जबरदस्ती किसी के साथ उससे यह सब करना पसंद नहीं था उसका मानना यह था। अगर हम कुछ काम किसी पार्टनर में कर रहे थे तो सामने वाले काभी उतना ही रिस्पांस होना चाहिए जितना हमारा है
चाहे फिर यह फिजिकल रिलेशनशिप की बात हो या फिर अपने बिजनेस की बात हो।
यह पहली बार था जब वह किसी के साथ ऐसा जबरदस्ती कर रहा था।
और इसमें भी उसकी खुद की मजबूरी थी अगर ऐसा ना होता तो वह कभी भी ऐसा नहीं करता लेकिन क्यों आयुषी को देखकर वह अपने आप को कंट्रोल नहीं कर पा रहा था?
उसने धीरे-धीरे कर उस ने आयुषी के कपड़े निकालना शुरू कर दिए और आयुषी छटपटा रही थी
अब तो उसकी आंखों में नमी भी तैर गई थी। वह भी सिर्फ अभी 19 साल की बच्ची थी ।
और 19 साल की उम्र तक किसी भी लड़के को अपने पास तक नहीं आने दिया था। जब से उसे समझ आई थी तब से उसने यही सोचा था कि वह वन मैन वूमेन बनेगी।
उसकी जिंदगी में सिर्फ एक ही मर्द आएगा जो मरते दम तक उसके साथ वही रहेगा।
इसलिए आज तक उसने कभी कोई boy बेस्ट फ्रेंड भी नहीं बनाया था जो आजकल बहुत ही ज्यादा ट्रेंड में है।
आयुषी अंदर से बहुत ही ज्यादा बेचैन हो रही थी। उसे पता नहीं क्यों बहुत ही ज्यादा घबराहट हो रही थी ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहती थी वह अपने आप को एकदम प्योर रखना चाहती थी।
ताकि आगे जाकर अपने लिए एक अच्छा सा लाइफ पार्टनर पसन्द करें और सारी जिंदगी उसकी रहे। अब उसकी आंखों में तैर रही नमी आंसू बनके उसके गालों पर आ चुकी थी। उसमें खुद में इतनी ताकत नहीं थी कि वह अपने सामने खड़े बीस्ट जैसे इंसान को जो 6 फीट लंबा है। मस्कुलर और बहुत ही ज्यादा ताकतवर है उसे अपने सामने से हटा सके इसलिए उसने रिक्वेस्ट करना ही सही समझा।
सर ऐसा क्यों कर रहे हैं छोड़ दीजिए ना मुझे फिर कभी नहीं आओगे मैं चली जाऊंगी यहां से जल्दी गलती से आ गई होगी प्लीज मैं वो नहीं हूं जो आप समझ रहे हैं प्लीज मुझे जाने दीजिए ना। यह सब रिक्वेस्ट करते हुए हो बहुत ही ज्यादा प्यारी लग रही थी उसकी बड़ी-बड़ी लाइट ब्राउन आंखें किसी तारे की तरह चमक रही थी। वह छोटा सा क्यूट सा कुत्ते का बच्चा लग रही थी। और वेदांश को उसे पर बहुत ही ज्यादा प्यार आ रहा था।
उसने जल्दी से उसके दोनों कंधे से पकड़ा और उसके ऊपर का टॉप उतार दिया।
आयुषी अब रिक्वेस्ट करके थक चुके थे उसने मनी मन हार मान ली थी। और अपने आप को ढीला छोड़ दिया। आयुष का लंबा बड़ा ब्लैक टॉप जो उसने उतर कर फेंक दिया था अब आयुषी अपनी इनरवियर में थी। उसके गोरे रंग में हो बहुत ही ज्यादा जज रही थी।
वेदांश अपना हाथ उसके वह नाजुक से हिस्से पर। ले गया और उसे वहां सहलाने लगा उसी के साथ उसने दूसरे हाथ से पीछे से उसके बालों को पकड़ा और अपने होठों को उसके होठों से जोड़ दिए। और बड़ी शिद्दत से उसे चूमने लगा।









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