
आयुषी अपनी प्यारी सी आवाज में सबको कुछ न कुछ बता रही थी, और परिवार के सारे लोग उसकी तरफ देख रहे थे। उसने अपनी बात खत्म की और फिर वीरेंद्र की तरफ देखकर बोली, "आपको पता है, मॉन्स्टर मिस ने कहा था कि आप अच्छे थे, इसीलिए मुझे छोड़ने आए, वरना कोई और होता तो पता नहीं मेरे साथ क्या होता। इसलिए थैंक्यू मेरी मदद करने के लिए।"
जैसे ही वीरेंद्र ने "मिस" शब्द सुना, वो चौंक गया। फिर उसने पूरा ध्यान आयुषी पर लगाते हुए, उत्साहित लहजे में कहा, "बाबू, क्या कहा आपने? मिस ने क्या कहा था?" वीरेंद्र का ये रूप कोई नहीं देखा था। पहले तो वो कुछ बोलता ही नहीं था, बस अपनी ठंडी आवाज में सबको डराने के लिए बात करता था। और दूसरा, उसके चेहरे पर कोई भाव ही नहीं होते थे, जैसे कोई रोबोट हो।









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