
बहुत तेज़ बारिश पड़ रही थी। मुंबई के ४५वें फ्लोर वाली बड़ी कॉन्फ्रेंस रूम में बिजली चमक रही थी। अनन्या वर्मा, २६ साल की वो अनाथ लड़की, जो अपनी मेहनत से "वर्मा डायनामिक्स" नाम की बड़ी कंपनी की CEO बन गई थी, अपने ही मीटिंग टेबल पर लेटी हुई थी।
उसका सफेद ब्लाउज खून से पूरी तरह लाल हो चुका था। उसके बॉडी में तीन गोली लगी थी – एक पेट में, दूसरी छाती के पास, तीसरी कंधे में। हर सांस लेने में बहुत तेज़ दर्द हो रहा था।









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