
निविशा ने पूरे घर में ढूँढ लिया। सारे बॉडीगार्ड और सर्वेंट भी वंशिका को ढूँढ रहे थे, लेकिन वह कहीं नहीं मिली।
निविशा की सांसें फूलने लगीं, वह घबराने लगी। निशांत नहीं था, वह अपने किसी दोस्त से मिलने गया था जो ओउणे (Pune) में रहता था। निविशा को बार-बार निहार के कहे शब्द याद आ रहे थे कि वह वंशिका को उससे छीन लेगा। उसकी पूरी बॉडी कांप रही थी। क्या होगा अगर वह वंशिका को सबकुछ बता देगा और वह उसके पास चली जाएगी? इस बच्ची को वह बिल्कुल भी खुद से दूर नहीं करेगी।









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